Agriculture and farmer welfare
खेत बचाओ अभियान का शुभारंभ खादों का संतुलित उपयोग, फसल चक्कर बदलने का आह्वान किसान धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें-शिवराज चौहान
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22 Oct 2026 7:40PM
करनाल, 22 अक्तूबर। केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिला के तरावड़ी कस्बे से आज खेत बचाओ अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने किसानों से खादों का संतुलित उपयोग करने, फसल चक्कर बदलने और धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया। साथ ही पराली का न जलाने की अपील की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व वंदेमातरम से किया गया। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि तरावड़ी की जमीन में कार्बन की मात्रा अच्छी है और यहां के किसान पराली प्रबंधन भी कर रहे हैं, यह खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि जीने के लिए हवा, पानी और अन्न जरूरी है। अन्न ही ब्रह्मï है। एक समय ऐसा था जब भारत में प्राकृतिक खेती अधिक होती थी लेकिन धीरे-धीरे रासायनिक खाद व कीटनाशकों का प्रयोग बढ़ता गया। इससे जमीन की सेहत बिगडऩे लगी है। मानव स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। मिट्टी की उर्वरता भी घट रही है। उन्होंने कहा कि यह भम्र है कि जितनी अधिक रासायनिक खाद डालेंगे, पैदावार उतनी ही बढ़ेगी। रासायनिक खाद व कीटनाशकों से मित्र कीट भी मर रहे हैं। जमीन बंजर हो रही है। मिट्टी में मौजदू अरबों जीवाणु मर रहे हैं। जमीन में रहने वाले जीव-जंतु मर जाते हैं। आज केंचुए खत्म हो गए हैं जो उर्वरा शक्ति बढ़ाने में सबसे अधिक सहायक हैं। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि खाद का संतुलित प्रयोग करें। फसल चक्कर अपनाएं यानि एक ही फसल को बार-बार न उगाएं। धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें। ऐसा करने से जमीन की सेहत सुधरेगी। पैदावार अच्छी होगी। श्री चौहान ने धान उत्पादक किसानों से पराली न जलाने का आह्वान किया। केंद्रीय मंत्री ने पराली प्रबंधन के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए कदमों की सराहना की। कहा कि अन्य राज्यों की सरकारों को भी हरियाणा का अनुसरण करना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 22 अक्तूबर से 30 नवंबर तक आयोजित किए जाने वाले खेत बचाओ अभियान में सभी सहयोग करें। कृषि अधिकारी व कर्मचारी गांवों में जाकर लोगों को जागरूक करें। पीएम आवास योजना के तहत 28422 घरों का लक्ष्य इस मौके पर उन्होंने बताया कि भारत सरकार के विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए हरियाणा में नवीन आवास 2024 सर्वेक्षण सूची में उपलब्ध परिवारों को आवास मुहैया कराने के लिए 28422 घरों का लक्ष्य आबंटित किया है। इन आवासों के निर्माण पर 341.06 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस निर्णय से राज्य के पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए सहायता मिलेगी। करें जमीन की सेहत की चिंता।
इससे पहले हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि आज चिंता जमीन की सेहत को बचाने की करनी है। किसान लंबे समय से परंपरागत खेती करते आए हैं। खेत में फसल को भी भोजन की जरूरत है। फसल का भोजन सूक्ष्म जीवाणु हैं। जीवाणुओं को डीएपी, यूरिया, कीटनाशकों के कारण जीवाणु नष्ट हो रहे हैं। सूक्ष्म जीवाणु बढ़ाने के लिए गोवंश का गोबर अत्यधिक उपयोगी है। एक ग्राम गोवंश के गोबर में 300 करोड़ बैक्टिरिया होते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 55 लाख किसानों को मृदा कार्ड जारी कर दिए हैं। इससे किसानों को मालूम पड़ जाता है कि जमीन में किस तत्व की कमी है। श्री राणा ने प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह खर्च मुक्त है जबकि रासायनिक खेती से किसानों पर कर्ज बढ़ रहा है। इससे पहले तकनीकि सत्र में डा. रवींद्र ने गन्ने के बारे में, डा. विवेक ने कृषि विभाग की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और डा. नीतिन त्यागी ने डेयरी विषय पर विचार रखे। इस मौके पर आईसीएआर-एनडीआरआई के निदेशक धीर सिंह, आईसीएआर के महानिदेशक एमएल जाट, कृषि अनुसंधान परिषद के उपनिदेशक राजवीर सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव अभिजीत फुकन आदि मौजूद रहे।
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(Release ID: 9780)