दुकानदारों को बताना होगा किस घी-तेल से बनाई गई है मिठाई
- त्योहारों के सीजन में जिला खाद्य सुरक्षा विभाग सख्त, मिठाई-पनीर की दुकानों पर बढ़ी निगरानी
- जिला खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा सितंबर से अब तक 22 सैंपल लिए*
Posted On:
23 Oct 2026 2:14PM
पलवल, 23 अक्टूबर। त्योहारों के सीजन में आमजन को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन हरियाणा ने खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डा. मनोज कुमार व उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के निर्देशानुसार जिला खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिठाई विक्रेताओं, मिठाई निर्माण इकाइयों और डेयरियों की जांच की जा रही है।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ईश्वर कुमार ने बताया कि अभिहित अधिकारी डा. पुनीत शर्मा के नेतृत्व में चलाए जा रहे जांच अभियान के दौरान मिठाई विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक मिठाई के नाम के साथ उसकी बनाने की तिथि, खराब होने की तिथि व कीमत स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए। साथ ही, उपभोक्ताओं को यह जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए कि मिठाई बनाने में देसी घी, वनस्पति या अन्य खाद्य तेल में से किसका उपयोग किया गया है। इसके लिए उपयुक्त सूचना-पट्ट, डिस्प्ले अथवा स्टिकर का इस्तेमाल किया जाए, ताकि ग्राहक खरीदारी से पहले सही जानकारी प्राप्त कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की सामग्री, प्रकृति या गुणवत्ता के संबंध में भ्रामक जानकारी देना स्वीकार्य नहीं है। ऐसा करने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा लागू नियमों और विनियमों के अंतर्गत संबंधित मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि मिठाई की दुकानों और निर्माण स्थलों पर साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों की सुरक्षित हैंडलिंग तथा कीट नियंत्रण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। परिसर और फर्श की नियमित सफाई की जाए तथा मक्खियों, चूहों और अन्य कीटों की रोकथाम के उचित प्रबंध किए जाएं।
उन्होंने कारोबारियों को निर्देश दिए कि खाली डिब्बे, अनुपयोगी सामान और कबाड़ जमा न होने दें। मिठाइयों को ढककर या उपयुक्त शीशे के डिस्प्ले काउंटर में रखा जाए, ताकि वे धूल, मक्खियों और अन्य बाहरी दूषित तत्वों के संपर्क में न आएं। खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री के दौरान निर्धारित स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
लाइसेंस और पंजीकरण प्रदर्शित करना अनिवार्य
विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को उनके व्यवसाय की प्रकृति और वार्षिक कारोबार के अनुसार उपयुक्त श्रेणी में एफएसएसएआई पंजीकरण अथवा लाइसेंस प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। संबंधित पंजीकरण प्रमाण पत्र या लाइसेंस को दुकान में प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित किया जाए तथा खाद्य सुरक्षा से संबंधित लागू प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
छठ पूजा तक जारी रहेगा जांच अभियान
त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा हथीन, होडल और हसनपुर सहित जिला के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि खाद्य पदार्थों, मसालों तथा पनीर निर्माण करने वाली डेयरियों से नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। विभाग की निगरानी में अब मिठाइयां, दूध, मावा, पनीर, रसगुल्ले, गुलाब जामुन, बर्फी और मिल्क केक जैसे प्रमुख खाद्य पदार्थ भी शामिल हैं। जांच अभियान दिवाली और छठ पूजा के दौरान भी लगातार जारी रहेगा।
सितंबर से अब तक 22 नमूने लिए, तीन की रिपोर्ट प्राप्त
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ईश्वर कुमार ने बताया कि सितंबर से अब तक पनीर, दूध, मिठाइयों और मसालों सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 22 नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। इनमें से तीन नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है। प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, पनीर का एक नमूना मानकों के अनुरूप पाया गया, जबकि एक पनीर और एक दूध का नमूना मानकों के अनुरूप नही पाया गया। उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा लागू प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई शुरू की गई है।
रसगुल्ले, गुलाब जामुन, बर्फी और मिल्क केक के नमूने लिए
त्योहारी सीजन में मिठाइयों की बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग ने मिठाई निर्माण और बिक्री करने वाली इकाइयों की जांच भी तेज कर दी है। हाल ही में विभागीय टीम ने शेखपुरा स्थित मिठाई विक्रेताओं से रसगुल्ले और गुलाब जामुन के नमूने लिए। इसके अतिरिक्त, पलवल में श्री बीकानेर मिष्टान्न भंडार, रसूलपुर रोड से बर्फी और मिल्क केक के नमूने जांच के लिए गए। निरीक्षण के दौरान संबंधित खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने, स्वच्छता बनाए रखने तथा उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों के संबंध में सही जानकारी देने के निर्देश दिए गए। जहां आवश्यक पाया गया, वहां सुधार सुनिश्चित करने के लिए संबंधित फर्म को निर्देश भी दिए गए।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से समझौता नहीं
जिला खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य केवल नमूने लेना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आमजन को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। विभाग द्वारा निरीक्षण, नमूना संग्रहण और प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई जारी रहेगी। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ईश्वर कुमार ने खाद्य कारोबारियों से अपील की कि वे निर्धारित मानकों के अनुसार खाद्य पदार्थों का निर्माण और बिक्री करें तथा उपभोक्ताओं को सही जानकारी प्रदान करें। साथ ही, आमजन से भी अपील की गई कि मिठाई खरीदते समय उसकी कीमत, स्वच्छता और उपलब्ध सामग्री संबंधी जानकारी पर ध्यान दें तथा किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ के संबंध में संबंधित विभाग को सूचित करें।
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(Release ID: 9798)