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‘नशा मुक्त हरियाणा-नशा मुक्त भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए करने होंगे सामूहिक प्रयास : उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर

- उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने ली नार्को कोआर्डिनेशन (एनसीओआरडी) की जिला स्तरीय बैठक

- देश-प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर कर रही कार्य : उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर

Posted On: 23 Oct 2026 3:15PM

पलवल, 23 अक्टूबर।
हरियाणा में नशे की रोकथाम, मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने तथा आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से नार्को कोआर्डिनेशन (एनसीओआरडी) की 14वीं राज्य स्तरीय समिति की बैठक शुक्रवार को  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जिला पलवल से उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ राज्य स्तरीय बैठक से जुड़े और मुख्य सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों को गंभीरता पूर्वक सुना।

उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग उपरांत संबंधित अधिकारियों की नार्को कोआर्डिनेशन (एनसीओआरडी) से संबंधित जिला स्तरीय बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार देश-प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रयासरत है। नशे के विरुद्ध सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने जिला में नशे की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल, सूचना साझा करने तथा नशा तस्करी से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएं ताकि अधिक से अधिक लोगों तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाया जा सके।

उपायुक्त डा. छिल्लर ने कहा कि मुख्य सचिव द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त बड़े सप्लायरों और नेटवर्क पर कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में जिला स्तर पर उसी के अनुसार कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल को और अधिक बेहतर बनाएं और खुफिया तंत्र को और अधिक सक्रिय कर ड्रग सप्लाई चेन के रूट्स की पहचान कर उन्हें तोड़ने का काम किया जाए। उन्होंने तस्करी और सेवन से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां पुलिस गश्त बढ़ाने और लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष निगरानी रखने को कहा ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से बचाया जा सके।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि नशे पर प्रहार के लिए केवल दंडात्मक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जन-सहभागिता भी उतनी ही जरूरी है। युवाओं और विद्यार्थियों के बीच नशे के दुष्प्रभावों के प्रति व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की भी जरूरत है।  इसके साथ ही, नशा पीड़ितों के लिए पुनर्वास केंद्रों में उपचार और परामर्श सुविधाओं को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं और नशा मुक्त समाज के निर्माण में प्रशासन का सहयोग करें। यदि कहीं भी नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त की सूचना मिले, तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन पर दें। सूचना देने वाले की जानकारी को गुप्त रखा जाएगा।

उपायुक्त ने कहा कि विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा नशे से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित विभागों को देने के लिए प्रेरित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ‘नशा मुक्त हरियाणा-नशा मुक्त भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिला प्रशासन, संबंधित विभागों, शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों के सामूहिक रूप से मिलकर प्रयास करने होंगे। 

बख्शे नहीं जाएंगे नशा तस्करी करने वाले : पुलिस अधीक्षक
पुलिस अधीक्षक दीप्ति गर्ग ने कहा कि जिले में नशा तस्करी के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। जिले में नशा तस्करी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में पुलिस अधीक्षक दीप्ति गर्ग, अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद, डीएसपी नरेंद्र खटाना सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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(Release ID: 9805)