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जिले में नशे को रोकना प्रशासन की प्राथमिकता , विभिन्न विभागों की टीमों का किया गठन : डॉ राहुल रईया

एनर्कोर्ड की राज्य स्तरीय बैठक आयोजित, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के रोडमैप पर हुई चर्चा

Posted On: 23 Oct 2026 4:28PM
करनाल, 23 अक्टूबर।    एडीसी डॉ राहुल रईया ने कहा कि जिले में नशे को रोकना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें नशा तस्करों को पकड़ने, तस्करी को रोकने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। इसके लिए इसके साथ ही जिले में विशेष जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

एडीसी डॉ राहुल रईया शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में एनकॉर्ड की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में एसपी करन गोयल भी मौजूद रहे। बैठक से पहले मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की राज्य स्तरीय बैठक हुई, जिसमें नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तय किए गए रोडमैप पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में एडीसी ने संबंङ्क्षधत विभागों को निर्देश दिए कि जिला में नशे की रोकथाम के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

एडीसी डॉ राहुल रईया ने कहा कि हरियाणा राज्य को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन के लिए कैटेगरी-ए में रखा गया है। एचएसएनसीबी को इसी मॉडल टेम्पलेट के अनुसार स्ट्रक्चर किया गया है और इसका पूर्ण संचालन मैनपावर की उपलब्धता से जोड़ा गया है। इस लक्ष्य को मार्च 2027 तक पूर्ण करने का टाइमलाइन निर्धारित है। उन्होंने कहा कि प्रभावी अभियोजन के लिए महत्वपूर्ण केसों की पहचान का कार्य तेजी से किया जा रहा है। हरियाणा में सितंबर 2026 तक 50 महत्वपूर्ण एनडीपीएस केसों को चिन्हित कर अभियोजन निदेशालय के साथ मॉनिटर किया जा रहा है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप एक महत्वपूर्ण केस में 14 साल की कैद और 2 लाख रुपये जुर्माने की सजा भी सुनिश्चित करवाई गई है। यह लक्ष्य सितंबर 2026 तक रखा गया था।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में ड्रग कार्टेल के खिलाफ वित्तीय जांच को तेज किया गया है। दिसंबर 2027 तक 100 चिन्हित कार्टेल केसों में वित्तीय जांच का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत हरियाणा में अब तक 12 ड्रग कार्टेल चिन्हित किए जा चुके हैं और उन्हें ध्वस्त करने के लिए ऑपरेशन जारी है।

उन्होंने कहा कि यह अभियान नशा तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए सबसे कारगर साबित हो रहा है। दिसंबर 2026 तक 1000 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध से अर्जित संपत्ति को कुर्क करने का राष्ट्रीय लक्ष्य है। हरियाणा में सितंबर 2026 तक लगभग 19.52 करोड़ रुपये की नकदी व संपत्ति जब्त की जा चुकी है, जबकि 15.09 करोड़ रुपये की संपत्तियां सक्षम प्राधिकारी, दिल्ली के विचाराधीन हैं। राज्य ने दिसंबर 2026 तक 30 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया है।

एडीसी ने संबंधित विभागों पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, आबकारी एवं कराधान विभाग को निर्देश दिए कि वे आपसी तालमेल के साथ काम करें। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं, ताकि युवा पीढ़ी को नशे के जाल से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर भी सरपंचों, पंचों और एनजीओ की मदद से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में बताया कि तकनीक के माध्यम से नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए एचएसएनसीबी में डार्कनेट, क्रिप्टोकरेंसी और सोशल मीडिया के लिए एक समर्पित स्पेशल सेल विकसित किया जा रहा है। इसके लिए जुलाई 2026 से एक साइबर एक्सपर्ट को सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है। यह सेल दिसंबर 2026 तक पूरी तरह कार्यशील हो जाएगा।

बैठक में बताया कि आदतन अपराधियों की निवारक नजरबंदी के लिए पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्यवाही की जा रही है। साल 2026 में अब तक 21 लोगों को इस एक्ट के तहत हिरासत में लिया जा चुका है। जनवरी 2026 से मार्च 2027 तक राज्य में 70 लोगों को हिरासत में लेने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए जिलेवार लक्ष्य भी संबंधित जिलों को भेज दिए गए हैं।
बैठक में सीईओ जिला परिषद अमित कुमार, डीडीए डॉ पंकज सैनी, जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा, डीआईपीआरओ सत्यवान महिवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

 

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(Release ID: 9816)