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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की दूरदर्शी पहल से खेतों को मिलेगी नई संजीवनी, 106.28 करोड़ की स्मार्ट सिंचाई परियोजना से हिसार के तीन गांवों के 971 किसानों को होगा लाभ

मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र सिंह बढख़ालसा ने गावड़ में किसानों से किया सीधा संवाद, जल संरक्षण और आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने का किया आह्वान

Posted On: 23 Oct 2026 5:07PM

हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी के नेतृत्व में प्रदेश में जल संरक्षण, कृषि समृद्धि और भूजल पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में हिसार के गांव गावड़, कालावास और सिंघरान गांवों में 106.28 करोड़ रुपये की स्मार्ट सिंचाई परियोजना विकसित की जा रही है। इसके माध्यम से हिसार शहर के शोधित अपशिष्ट जल को भूमिगत पाइपलाइन से खेतों तक पहुंचाने की योजना है, जिससे 971 किसानों और 1,700 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र सिंह बढख़ालसा ने गांव गावड़ में आयोजित किसान संवाद कार्यक्रम में किसानों से सीधा संवाद कर परियोजना की रूपरेखा साझा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में सरकार जल संरक्षण, किसानों के हितों और आधुनिक सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। यह परियोजना शोधित पानी के सदुपयोग, सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने और कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने किसानों से ड्रिप एवं फव्वारा सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकें अपनाने और जल उपयोगकर्ता समितियों को मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना का उद्देश्य मौजूदा नहरी एवं नलकूप सिंचाई व्यवस्था के अधिकारों को प्रभावित किए बिना किसानों को अतिरिक्त सिंचाई जल उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत गंगवा, सातरोड़ और डाबड़ा स्थित तीन सीवेज शोधन संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 1.70 करोड़ लीटर शोधित पानी खेतों तक पहुंचाने की योजना है। भूमिगत दबावयुक्त पाइपलाइन से पानी के रिसाव और वाष्पीकरण से होने वाली बर्बादी कम होगी। स्वचालित निगरानी और सॉफ्टवेयर आधारित वितरण प्रणाली से जल आपूर्ति को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाया जाएगा। किसानों को बिजली खर्च में भी राहत मिलेगी। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार किसान अथवा जल उपयोगकर्ता समिति बिजली के लिए केवल एक रुपये प्रति यूनिट का भुगतान करेंगे, जबकि शेष बिजली बिल हरियाणा सरकार वहन करेगी। परियोजना में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का प्रस्ताव भी है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किसानों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देने की योजना है।
परियोजना को निर्माण कार्य शुरू होने के बाद आठ महीने में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ठेकेदार चयन की प्रक्रिया जारी है। इसकी लागत केंद्र और हरियाणा सरकार 60:40 के अनुपात में वहन करेंगी। ओएसडी ने किसानों से परियोजना को सामूहिक जिम्मेदारी मानकर इसके सफल संचालन में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी के समन्वय से कृषि को अधिक टिकाऊ बनाया जा सकता है तथा आने वाली पीढय़िों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में सुभाष पनिहार, गावड जल उपयोगकर्ता समिति के प्रधान सुरेश अध्यक्ष अजय गावड़, मंडल अध्यक्ष भूप सिंह, मुख्य अभियंता एसडी शर्मा, परियोजना निदेशक सुरेंद्र धनखड़, कार्यकारी अभियंता मुनीष देशवाल, विक्रम सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



 

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(Release ID: 9828)