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हरियाणा केसरी पुरुष एवं महिला वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले पहलवानों को 151000-151000 रुपए के चेक से किया गया पुरस्कृत

- पलवल में हरियाणा केसरी अखाड़ा दंगल-2026 का हुआ भव्य समापन, पहलवानों ने दिखाया दमखम

- खेल एवं युवा अधिकारिता राज्य मंत्री गौरव गौतम रहे समापन समारोह में मुख्य अतिथि

- तीन दिवसीय प्रतियोगिता में प्रदेश के 23 जिलों के 792 पहलवानों ने लिया भाग

- कुश्ती हरियाणा की गौरवशाली खेल परंपरा का प्रतीक, खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण से प्रदेश का नाम हो रहा रोशन : गौरव गौतम

- हरियाणा केसरी, हरियाणा कुमार और हरियाणा कुमारी के खिताबों के लिए पहलवानों ने दिखाए रोमांचक दांव-पेंच

- हरियाणा सरकार द्वारा बनाई गई खेल नीति खेल प्रतिभाओं का मनोबल बढ़ाकर सपनों को पंख लगाने का कर रही काम

Posted On: 25 Oct 2026 5:08PM

पलवल, 25 अक्टूबर।
हरियाणा खेल एवं युवा मामले विभाग की ओर से उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के मार्गदर्शन में पलवल के नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय हरियाणा केसरी अखाड़ा दंगल-2026 का समापन शुक्रवार रात को  उत्साह और खेल भावना के साथ हुआ। समापन समारोह में हरियाणा सरकार में खेल एवं युवा अधिकारिता राज्य मंत्री गौरव गौतम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और पहलवानों का जोश और उत्साह बढ़ाया। हरियाणा केसरी अखाड़ा दंगल प्रतियोगिता के दौरान प्रदेशभर के विभिन्न जिलों से आए पहलवानों ने अपनी प्रतिभा, ताकत और कुश्ती कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।

खिलाड़ियों की मेहनत और अनुशासन से प्रदेश का नाम हो रहा रोशन : गौरव गौतम
खेल एवं युवा अधिकारिता राज्य मंत्री गौरव गौतम ने समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा की धरती सदियों से कुश्ती और अन्य पारंपरिक खेलों की समृद्ध विरासत के लिए जानी जाती है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा का गौरव बढ़ाया है। केंद्र और प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। हरियाणा सरकार द्वारा बनाई गई खेल नीति खेल प्रतिभाओं का मनोबल बढ़ाकर उनके सपनों को पंख लगाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कुश्ती केवल शारीरिक शक्ति का खेल नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य, संघर्ष और आत्मसम्मान की भावना को भी मजबूत करती है। अखाड़ों की परंपरा ने ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति को जीवंत बनाए रखा है। ऐसे आयोजनों से युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। खेल प्रतियोगिताएं युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करती हैं तथा उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और आगे बढ़ने की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी पहलवानों को बधाई देते हुए कहा कि जीत और हार खेल का हिस्सा हैं। प्रत्येक खिलाड़ी को खेल भावना, अनुशासन और निष्पक्षता के साथ मुकाबले में भाग लेना चाहिए। खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन से सीख लेते हुए भविष्य में और बेहतर उपलब्धियां हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करनी चाहिए।

हरियाणा केसरी के विजेता को 1 लाख 51 हजार रुपये का पुरस्कार
खेल एवं युवा अधिकारिता राज्य मंत्री गौरव गौतम ने हरियाणा केसरी अखाड़ा दंगल प्रतियोगिता के अंतर्गत हरियाणा केसरी पुरुष एवं महिला वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले पहलवान को 1 लाख 51 हजार रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को 1 लाख रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को 51 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि के चेक प्रदान किए। इसी प्रकार, हरियाणा कुमार एवं हरियाणा कुमारी वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 1 लाख रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को 51 हजार रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को 31 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान कर पुरस्कृत किया।

युवा पहलवानों को मिला प्रतिभा दिखाने का अवसर
हरियाणा केसरी अखाड़ा दंगल प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रदेश में कुश्ती की पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रतिभाशाली पहलवानों को अपनी खेल क्षमता प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध करवाना है। तीन दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न जिलों से आए पहलवानों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ मुकाबलों में भाग लिया। खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक, शारीरिक क्षमता और खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। प्रतियोगिता ने युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और अनुभवी पहलवानों से सीखने का अवसर प्रदान किया।

22 से 24 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 23 जिलों के 792 पहलवानों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में सीनियर आयु वर्ग के पुरुष एवं महिला पहलवानों ने हरियाणा केसरी, हरियाणा कुमार और हरियाणा कुमारी के खिताबों के लिए मुकाबले किए। तीन दिनों तक चले कुश्ती मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला और खेल प्रेमियों में खासा उत्साह बना रहा। प्रतियोगिता के सफल आयोजन से पलवल में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन मिला और प्रदेश की पारंपरिक कुश्ती संस्कृति को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

समापन समारोह में उपायुक्त पलवल डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर, भारत के जाने-माने पहलवान और खिलाड़ी योगेश्वर दत्त, बबीता फोगाट, रितु फोगाट,  सुमित मलिक,  अमित दहिया, एडिशनल डायरेक्टर अश्वनी मलिक, उपनिदेशक खेल राम मेहर, कार्यकारी जिला खेल अधिकारी खुशवंत सिंह, पार्षद मयंक, डा. हरेंद्र पाल राणा, वीरपाल दीक्षित, महिपाल दलाल, कर्मवीर दलाल, शंभू पहलवान, अमन शर्मा, पीयूष गोयल, पार्षद भक्ति, सत्य प्रकाश, पार्षद देवदत्त, पार्षद दिनेश सैनी, हरिकिशन तेवतिया,  गौतम, मार्केट कमेटी के चेयरमैन पंकज विरमानी सहित खेल विभाग के अधिकारियों, प्रशिक्षकों, खेल संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।
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(Release ID: 9868)