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महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएं समाज को सत्य, सद्भाव और मर्यादा का मार्ग दिखाती हैं : गौरव गौतम

खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव एवं भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में की शिरकत

Posted On: 25 Oct 2026 6:47PM

*पलवल, 25 अक्टूबर।*
महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएं केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज को सत्य, सद्भाव, समानता और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। इन्हीं आदर्शों को आत्मसात कर एक सशक्त और संस्कारवान समाज का निर्माण किया जा सकता है। यह विचार हरियाणा सरकार में हरियाणा सरकार में खेल, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता तथा कानून एवं विधायी कार्य राज्य मंत्री गौरव गौतम ने रविवार को पलवल स्थित एक निजी स्कूल  में भगवान महर्षि वाल्मीकि जी के प्रकटोत्सव एवं भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किए।

खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने महर्षि वाल्मीकि जी को नमन करते हुए कहा कि आदिकवि महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति, साहित्य और आध्यात्मिक चेतना के महान प्रतीक हैं। उनके द्वारा रचित रामायण युगों-युगों से मानवता का मार्गदर्शन करती आ रही है। यह महाकाव्य हमें प्रभु श्रीराम के जीवन के माध्यम से सत्य, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा, आदर्श आचरण और मर्यादा का महत्व समझाता है। महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन परिवर्तन, ज्ञान और सकारात्मक सोच की प्रेरणा देता है।

खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार देश के महापुरुषों और महान विभूतियों के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। संत महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रसार योजना' हरियाणा सरकार द्वारा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में शुरू की चलाई जा रही एक अनूठी पहल है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य महान संतों, गुरुओं और महापुरुषों की शिक्षाओं व उनके संदेशों का समाज में प्रसार करना और उनकी जयंतियां राज्य स्तर पर मनाना है और युवाओं और आम जनता को संतों के जीवन से प्रेरणा दिलाना और राज्य में आपसी भाईचारा व सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखना है।

खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन इस बात का संदेश देता है कि ज्ञान, तपस्या और दृढ़ संकल्प के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन को नई दिशा दे सकता है। उनके विचार आज भी सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने में प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी को महापुरुषों के जीवन और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। यदि युवा सत्य, अनुशासन, सदाचार और सामाजिक जिम्मेदारी को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं, तो वे न केवल अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

*सांस्कृतिक आयोजन हमारी विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम : गौरव गौतम*
खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भारतीय परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यालयों में इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति को समझने और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का अवसर मिलता है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि जी के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज में प्रेम, सद्भाव, परस्पर सम्मान और एकता की भावना को मजबूत बनाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। महापुरुषों की शिक्षाओं को केवल स्मरण करने के बजाय उन्हें अपने व्यवहार और जीवनशैली में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा है।

*सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दिया महर्षि वाल्मीकि जी के आदर्शों को अपनाने का संदेश*
कार्यक्रम के दौरान महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन, उनकी शिक्षाओं और भारतीय संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से देश की समृद्ध परंपराओं की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों को महर्षि वाल्मीकि जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा समाज में सकारात्मकता, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
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(Release ID: 9872)