जिले की अनाज मंडियों में धान की खरीद जारी, अब तक 1 लाख 34 हजार 513 मीट्रिक टन धान की हुई खरीद
जींद, 26 अक्टूबर। जिले की अनाज मंडियों में धान की आवक और खरीद का कार्य निरंतर जारी है। रविवार देर शाम तक जिले की विभिन्न अनाज मंडियों में कुल 1 लाख 34 हजार 513 मीट्रिक टन धान की आवक दर्ज की गई। डीसी डॉ वैशाली शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा मंडियों में किसानों की सुविधा, सुचारू खरीद प्रक्रिया, फसल के उठान तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि जिले की सभी संबंधित खरीद एजेंसियों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार खरीद कार्य सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। मंडियों में फसल की आवक के अनुरूप आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जा रहे हैं तथा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने बताया कि बुधवार देर शाम तक अलेवा अनाज मंडी में 7,447 मीट्रिक टन, धमतान में 11059 मीट्रिक टन, गढ़ी में 5,543मीट्रिक टन, जींद में 3198 मीट्रिक टन, खरल में 3224 मीट्रिक टन, काबरछा में 2234 मीट्रिक टन, मंगलपुर में 2965 मीट्रिक टन, नगूरा में 1181 मीट्रिक टन, नरवाना में 57,022 मीट्रिक टन, पिल्लूखेड़ा में 7996 मीट्रिक टन, सफीदों में 10415 मीट्रिक टन, उचाना अनाज मंडी में 290 मीट्रिक टन तथा ओल्ड ग्रेन मार्केट उचाना में 21,257 मीट्रिक टन धान की खरीद दर्ज की गई।
उन्होंने बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 94967 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 15046 मीट्रिक टन तथा हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन द्वारा 24,500 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। डीसी ने खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीदे गए धान का उठान कार्य भी खरीद के साथ-साथ नियमित रूप से करवाया जाए। इससे मंडियों में जगह उपलब्ध रहेगी और किसानों को अपनी अगली फसल उतारने में सुविधा मिलेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मंडियों में व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने तथा खरीद प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न होने देने के निर्देश भी दिए। डीसी ने किसानों से अपील की कि वे मंडियों में धान को अच्छी तरह सुखाकर तथा निर्धारित नमी मानकों के अनुरूप लेकर आएं। इससे गुणवत्ता संबंधी प्रक्रिया पूरी करने और फसल की बिक्री में अनावश्यक देरी से बचने में मदद मिलेगी। डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि मंडियों में खरीद से लेकर उठान तक की प्रक्रिया व्यवस्थित, पारदर्शी और किसान हितैषी बनी रहे। इसके लिए संबंधित विभागों एवं खरीद एजेंसियों के बीच समन्वय बनाए रखते हुए व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी की जा रही है।
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