महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएं सामाजिक समरसता और मानवता की देती हैं प्रेरणा : सुभाष बराला
राज्यसभा सांसद ने गांव कन्हड़ी में मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में की शिरकत
Posted On:
24 Oct 2026 1:52PM
टोहाना, 24 अक्टूबर। राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने शनिवार को गांव कन्हड़ी में आयोजित महर्षि वाल्मीकि जी के प्रकट दिवस और मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन और शिक्षाओं को याद करते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी समाज को सत्य, सदाचार, समानता और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
सुभाष बराला ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी ने रामायण जैसे महान ग्रंथ की रचना कर भारतीय संस्कृति और साहित्य को समृद्ध किया। उनकी शिक्षाएं मर्यादा, कर्तव्य, त्याग और नैतिक मूल्यों का संदेश देती हैं। उनके विचारों को आत्मसात करके समाज में आपसी भाईचारे, सद्भाव और सामाजिक समरसता को मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि संत-महापुरुषों ने सदैव समाज को सही दिशा दिखाने और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके जीवन संघर्षों और विचारों से नई पीढ़ी को परिचित करवाना आवश्यक है, ताकि युवा उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के विकास में अपना योगदान दे सकें।
संत-महापुरुष प्रचार-प्रसार योजना से जन-जन तक पहुंचेगा महापुरुषों का संदेश
राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने बराला ने कहा कि केंद्र सरकार देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक परंपराओं और महान विभूतियों के योगदान को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर भी प्रयास कर रही है। वहीं, हरियाणा सरकार भी संत-महापुरुषों के जीवन दर्शन और सामाजिक योगदान को व्यापक पहचान दिलाने के लिए कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रचार-प्रसार योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना का उद्देश्य संतों और महापुरुषों की शिक्षाओं को आमजन तक पहुंचाना तथा उनके जन्मदिवस और स्मृति अवसरों को सरकारी स्तर पर सम्मानपूर्वक मनाकर उनके विचारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। ऐसे प्रयासों से युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने और महापुरुषों के आदर्शों से प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का मूल उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और समान अवसर उपलब्ध करवाना है। सामाजिक समरसता, शिक्षा, सम्मान और जनकल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में संत-महापुरुषों की शिक्षाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। महर्षि वाल्मीकि जी के आदर्श हमें ऐसे समाज के निर्माण की प्रेरणा देते हैं, जहां प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान मिले और आपसी सद्भाव बना रहे।
सांसद सुभाष बराला ने कहा कि महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्थापना और अनावरण जैसे कार्यक्रम उनके योगदान को स्मरण करने के साथ-साथ समाज को उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का अवसर भी प्रदान करते हैं। महर्षि वाल्मीकि जी के विचारों को आत्मसात कर हम आने वाली पीढ़ियों को बेहतर संस्कार देने और समरस समाज के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं।
इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष नरेश बंसल, अनिल मेहता समाजसेवी, रमन मड़िया, दलजीत नैन, कमेटी प्रधान शीशपाल, सुरेंद्र, सतबीर पूर्व सरपंच, रामेहर नैन, विकास नैन, मंजीत नैन, अमृत नैन, इश कुमार, कृष्ण आदीवाल, विक्की, सोनू, महावीर, रमेश नैन सहित कार्यक्रम में मंदिर समिति के पदाधिकारी, गांव के गणमान्य व्यक्ति, श्रद्धालु और ग्रामीण उपस्थित रहे।
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