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डॉ. जयदीप आर्य की दूरदर्शी पहल: 10 लाख विद्यार्थियों तक पहुँचेगा वैज्ञानिक योग, डाइट पाली फरीदाबाद में तैयार हो रहे योग प्रशिक्षक

- हरियाणा योग आयोग से आशीष ने कहा, शिक्षा के क्षेत्र में योग की नवीन क्रांति की आधारशिला रख रहा है आयोग

Posted On: 27 Oct 2026 5:01PM
फरीदाबाद, 27 अक्टूबर। 
हरियाणा योग आयोग के अध्यक्ष डॉ. जयदीप आर्य के मार्गदर्शन में प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने का अभियान अब धरातल पर उतरने लगा है। हरियाणा योग आयोग, शिक्षा विभाग हरियाणा एवं पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) पाली, फरीदाबाद में चल रहे 30 दिवसीय योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का मंगलवार को हरियाणा योग आयोग से आशीष ने निरीक्षण किया तथा प्रतिभागी शिक्षकों से संवाद किया।

आशीष ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से प्रदेश के राजकीय विद्यालयों के लगभग 10 लाख विद्यार्थियों तक योग पहुँचाया जाएगा। इसके लिए आयोग ने प्रदेशभर में 10,500 शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है, यानी प्रत्येक प्रशिक्षित शिक्षक औसतन लगभग 95 विद्यार्थियों को नियमित योगाभ्यास करवाएगा। प्रथम चरण (21 अक्टूबर से 4 नवंबर) में 23 जिलों के लगभग 1,700 शारीरिक शिक्षक प्रशिक्षण ले रहे हैं, जिनकी औसत उपस्थिति 92 प्रतिशत से अधिक है। फरीदाबाद में 52 शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

आँकड़ों में अभियान
■  लगभग 10 लाख विद्यार्थियों तक योग पहुँचाने का लक्ष्य
■  10,500 शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य – प्रति शिक्षक लगभग 95 विद्यार्थी
■  प्रथम चरण: 23 जिले • लगभग 1,700 शिक्षक • औसत उपस्थिति 92% से अधिक • फरीदाबाद: 52 शिक्षक

उन्होंने कहा कि डॉ. जयदीप आर्य इस कार्यक्रम के सूत्रधार हैं, जिनका जीवन योग को विश्व में हिमालय की तरह ऊँचा उठाने के लिए समर्पित है। योगासन को खेल के रूप में स्थापित करना हो, योग का वैज्ञानिक अनुसंधान हो, घर-घर योग पहुँचाने का संकल्प हो या शिक्षा के क्षेत्र में योग की नवीन क्रांति – ये सभी डॉ. आर्य के पुरुषार्थ की देन हैं। उनके विज़न के अंतर्गत कुरुक्षेत्र में लगभग 10 एकड़ में विश्व स्तरीय मेडिटेशन हॉल प्रस्तावित है तथा वर्ष 2036 में भारत की ओलंपिक मेजबानी के दौरान योगासन एवं कबड्डी को ओलंपिक में शामिल करवाने और योगासन में 28 पदक का लक्ष्य रखा गया है।
योग के वैज्ञानिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए श्री आशीष ने बताया कि विद्यालयों में हुए अंतरराष्ट्रीय शोध अध्ययनों (रैंडमाइज़्ड कंट्रोल्ड ट्रायल) में नियमित योगाभ्यास करने वाले विद्यार्थियों में भावनात्मक संतुलन, आत्म-नियंत्रण एवं एकाग्रता में सुधार तथा तनाव और चिंता में उल्लेखनीय कमी पाई गई है। कुछ अध्ययनों में 10 सप्ताह के योगाभ्यास के बाद बच्चों में तनाव हार्मोन कॉर्टिसोल के स्तर में गिरावट दर्ज की गई। प्राणायाम एवं ध्यान से श्वसन क्षमता, स्मरण शक्ति और निर्णय क्षमता बेहतर होती है। इसी आधार पर प्रशिक्षण में आसन, प्राणायाम एवं ध्यान के साथ उनके शारीरिक व मानसिक प्रभावों का वैज्ञानिक आधार भी समझाया जा रहा है।

विद्यार्थियों के जीवन में आदर्श गुरु के महत्व पर उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने आचरण से विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनता है; जब शिक्षक स्वयं योग को अपनाएगा, तभी विद्यार्थी स्वस्थ, अनुशासित एवं संस्कारवान बनेंगे। उन्होंने प्रतिभागियों से हरियाणा योग आयोग के सूर्यनमस्कार अभियान से जुड़ने तथा विद्यालयों में विद्यार्थियों को भी जोड़ने का आग्रह किया। शिविर में मास्टर ट्रेनर्स श्री सुशील भड़ाना, श्रीमती मीनू आर्य, श्री अंकुर, श्री विकास यादव, श्रीमती अनीशा एवं श्री प्रदीप द्वारा षट्कर्म, सूर्यनमस्कार, आसन, प्राणायाम, ध्यान, पतंजलि योग सूत्र, हठयोग, श्रीमद्भगवद्गीता एवं योगासन स्पोर्ट्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

शिविर का संचालन जिला नोडल अधिकारी सुशील भड़ाना (DPE) की देखरेख में किया जा रहा है। शिविर में डाइट पाली के इंचार्ज ज्वलंत का विशेष सहयोग मिल रहा है तथा जीव विज्ञान प्रवक्ता सुषमा रोहिला को प्रशिक्षण प्रभारी नियुक्त किया गया है, जो प्रशिक्षण को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस अवसर पर आयुष योग सहायक जितेंद्र एवं दिव्या, गोविंद सहित प्रशिक्षणार्थी शिक्षक एवं डाइट स्टाफ उपस्थित रहे। 

 

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(Release ID: 9944)