Agriculture and farmer welfare
धान की पराली जलाने की घटनाओं पर ड्रोन से रखी जाएगी निगरानी : उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर
-जिले के हसनपुर, होडल व पलवल खंड के 13 गांवों के कृषि क्षेत्रों पर रहेगी विशेष नजर
-पराली जलाने की घटनाओं की समय रहते पहचान कर नियमानुसार की जाएगी कार्रवाई
-किसानों से पराली न जलाने तथा फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने की अपील
Posted On:
27 Oct 2026 5:58PM
पलवल, 27 अक्टूबर। उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि जिला पलवल में धान की फसल के अवशेष (पराली) जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने तथा वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा ड्रोन के माध्यम से कृषि क्षेत्रों की निगरानी की जाएगी। इसके तहत जिले के हसनपुर, होडल एवं पलवल खंड के 13 गांवों में विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि पराली जलाने की संभावित घटनाओं की समय रहते पहचान कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इस अभियान के तहत खंड हसनपुर के गांव खांबी, हसनपुर, महोली एवं लिखी, खंड होडल के गांव भिडूकी, पालरी, भुलवाना तथा खंड पलवल के गांव जनौली, मांदकोल, मीसा, किठवाड़ी व घोड़ी सहित संबंधित कृषि क्षेत्रों की ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी।
उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने और पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। संबंधित विभागों के माध्यम से किसानों को फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन तथा पराली न जलाने के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
उपायुक्त ने किसानों से आह्वïान करते हुए कहा कि वे धान की पराली में आग न लगाएं और फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए उपलब्ध कृषि यंत्रों एवं वैकल्पिक तकनीकों का उपयोग करें। पराली जलाने से वायु गुणवत्ता प्रभावित होती है तथा मिट्टी की उर्वरता को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। किसानों से पर्यावरण संरक्षण में सहयोग देने और फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया है।
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(Release ID: 9952)