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थोक अपशिष्ट जनरेटरों को केंद्रीय पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य- उपायुक्त सतबीर सिंह

- नियमों की अनदेखी करने वाले उद्योगों व संस्थानों पर लगेगा भारी जुर्माना

- लघु सचिवालय में उपायुक्त ने उद्योगपतियों व व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ की अहम बैठक

Posted On: 27 Oct 2026 6:28PM

थोक अपशिष्ट जनरेटरों को केंद्रीय पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य- उपायुक्त सतबीर सिंह
- नियमों की अनदेखी करने वाले उद्योगों व संस्थानों पर लगेगा भारी जुर्माना
- लघु सचिवालय में उपायुक्त ने उद्योगपतियों व व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ की अहम बैठक
रोहतक, 27 अक्टूबर। उपायुक्त सतबीर सिंह ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत सभी थोक अपशिष्ट जनरेटरों (बल्क वेस्ट जनरेटर) के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आधिकारिक पोर्टल swm.cpcb.gov.in  पद पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। नियमों का पालन नहीं करने वाले उद्योगों, संस्थानों और अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा उन पर भारी पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति 6 (जुर्माना) लगाया जा सकता है।
उपायुक्त सतबीर सिंह आज स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में उद्योगपतियों, व्यावसायिक संगठनों तथा विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन, थोक अपशिष्ट जनरेटरों के पंजीकरण तथा कचरे के उचित निस्तारण से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
उपायुक्त ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता बनाए रखने के लिए अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े नियमों का पालन करना सभी संबंधित संस्थानों और प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी है। उन्होंने उद्योगपतियों एवं व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों से निर्धारित नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा केंद्रीय पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया समय पर पूरी करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि अपशिष्ट का उचित प्रबंधन न केवल पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए जरूरी है, बल्कि इससे शहर में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में भी मदद मिलती है। सभी संबंधित इकाइयों को अपने यहां उत्पन्न होने वाले ठोस कचरे के वैज्ञानिक एवं नियमानुसार निस्तारण पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन द्वारा नियमों के अनुपालन की निगरानी की जाएगी और उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित इकाइयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उद्योगपतियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों से प्रशासन के साथ सहयोग करते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की। बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव एवं विचार भी रखे।
उपायुक्त सतबीर सिंह ने बैठक में कुताना औद्योगिक क्षेत्र में सीवर, पेयजल व बरसाती पानी निकासी के कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में बिजली कटौती, ईएसआई डिस्पेंसरी, औद्योगिक क्षेत्र से कचरा उठान, रखरखाव के लिए आवंटित राशि के उपयोग से संबंधित ऑडिट रिपोर्ट, अग्निशमन केंद्र स्थापित करने,अटल कैंटीन शुरू करने, साइन बोर्ड लगाने, सार्वजनिक शौचालय आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने इन विषयों के बारे में संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किए। बैठक में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के उप निदेशक कपिल मित्तल, डीडी डीआईसी क्षितिज, आईइओ एमएसएमई संजीत सिंह, सतीश कुमार, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम के वरिष्ठ प्रबंधक राजीव कुमार डागर, सहायक महाप्रबंधक राजीव गोयल, सम्पदा अधिकारी ललित जोरा, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के एसडीओ शिवम व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
फोटो-0011 से 0013


 

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(Release ID: 9985)